Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जिस पà¥à¤°à¤•ार गांठतरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤°à¥€ à¤à¤• थैलीनà¥à¤®à¤¾ आकृति होती है, उसी के समान अंडाशय में विकसित होने वाली गांठà¤à¥€ तरल से à¤à¤°à¥€ à¤à¤• थैली होती है जो आपके दोनों में से à¤à¤• या दोनों अंडाशयों में विकसित होती है। राजमा के आकार में बने आपके दोनों अंडाशय, शरीर के वे अंग होते है जिनमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ से पूरà¥à¤µ, आपके अंडे संगà¥à¤°à¤¹à¥€à¤¤ रहते हैं और जिससे उसमें पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ उरà¥à¤µà¤°à¤¤à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है। ये गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दोनों ओर पेट के नीचे के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं। महिलाओं के शरीर में ये दोनों अंडाशय, अंडे के साथ à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ नामक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की रचना करते हैं।
ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ अंडाशय में गांठहोने का सरल अरà¥à¤¥- ओवरी à¤à¤• तरल पदारà¥à¤¥ से à¤à¤°à¥€ थैली होती है जबकि सिसà¥à¤Ÿ का मतलब गांठहोता है। जब तक सिसà¥à¤Ÿ या गांठà¤à¤• बड़ा आकार ना ले लें, तब तक अंडाशय में गांठबनने के कोई विदित लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते हैं।
ओवरियन सिसà¥à¤Ÿ के कारण और ज़रूरी पà¥à¤°à¤•ार-
à¤à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• (फंकà¥à¤¶à¤¨à¤²) आवेरियन गांठजो à¤à¤• महिला के अंदर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पाई जाती है, वह आमतौर पर आपके या आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकोई परेशानी नहीं पैदा करती है। कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ दो पà¥à¤°à¤•ार की होती है- फॉलिकà¥à¤¯à¥à¤²à¤° सिसà¥à¤Ÿ और लà¥à¤¯à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤® सिसà¥à¤Ÿà¥¤
ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ के कारण और ज़रूर पà¥à¤°à¤•ार निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित है-
1 फॉलिकà¥à¤²à¤° सिसà¥à¤Ÿ- महिलाओं में मासिक धरà¥à¤® के दौरान तरल पदारà¥à¤¥ यà¥à¤•à¥à¤¤ थैलीनà¥à¤®à¤¾ आकृति अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ ओवरी में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने वाले अंडों को फॉलिकल कहा जाता है। अमूमन हर माह ये थैली फट जाती है और अंडे इससे बाहर निकल जाते हैं लेकिन जब यह थैली फटने में असमरà¥à¤¥ रहती है, उस समय अंडाशय में मौजूद तरल पदारà¥à¤¥ सिसà¥à¤Ÿ या गांठका रूप ले लेता है।
2 कॉपरà¥à¤¸ लà¥à¤¯à¥‚टियम सिसà¥à¤Ÿ-
ये सिसà¥à¤Ÿ आमतौर पर फॉलिकल निकलने के बाद सà¥à¤µà¤¯à¤‚ ही नशà¥à¤Ÿ हो जाते हैं, किंतॠकिसी कारण यदि ये नशà¥à¤Ÿ नहीं हो पाते हैं तो इसमें जगह से अधिक तरल à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो जाता है जो कॉपरà¥à¤¸ लà¥à¤¯à¥‚टियम सिसà¥à¤Ÿ में तबà¥à¤¦à¥€à¤² होने का कारण बन जाता है।
3 पॉलिसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®-
महिलाओं में पॉलिसिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ओवरी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® या पीसीओà¤à¤¸ à¤à¤• सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसके लिठमहिलाओं को सावाधनीपूरà¥à¤µà¤• मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन, उचित उपचार और समय पर हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• ज़रूरत होती है। सही समय पर उपचार न होने पर पीसोओà¤à¤¸ गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ महिलाओं को अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसे उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, उचà¥à¤š कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤², चिंता और अवसाद, दिल का दौरा आदि बीमारियों का सामना à¤à¥€ करना पड़ सकता है।
इससे ओवरी के à¤à¥€à¤¤à¤° कई छोटी-छोटी गांठे या सिसà¥à¤Ÿ पैदा हो जाते है जिसके बà¥à¤¨à¥‡ पर महिलाओं को बांà¤à¤ªà¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ का सामना à¤à¥€ करना पड़ सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |